विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित मुख्य समाचार एवं विभाग के द्वारा तथ्यात्मक टिपण्णी
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मुख्य समाचार विभाग की तथ्यात्मक टिपण्णी संबंधित विभाग
1 13/10/2017 डेली न्‍यूज

 हादसों को आमंत्राण देती क्षतिग्रस्त सड़कें प्रमुख शासन सचिव Reply as per Department सार्वजनिक निर्माण विभाग Factual Report
2 13/10/2017 राजस्‍थान पत्रिका

 यह नाकामी नहीं तो और क्या है प्रमुख शासन सचिव Reply as Department जयपुर विकास प्राधिकरण से प्राप्‍त जवाब मय फोटोज संलग्‍न नगरीय विकास विभाग Factual Report
3 12/10/2017 दैनिक भास्‍कर

 पहले कॉलोनी में सड़क, पानी, बिजली नहीं दी, अब वसूली गई पेनल्टी लौटाने में आनाकानी प्रमुख शासन सचिव Reply from Department नगरीय विकास विभाग Factual Report
4 09/10/2017 दैनिक नवज्‍योति

 घरों में शौचालय नहीं, ओडीएफ कर दिए घोषित प्रमुख शासन सचिव As per Nagar Nigam Jaipur attach Pdf file regarding news. स्थानीय निकाय Factual Report
5 06/10/2017 राजस्‍थान पत्रिका

 दुकानों-मकानों से गुजर रहे मौत के तार प्रमुख शासन सचिव Department Reply Attached ऊर्जा विभाग Factual Report
6 26/09/2017 राजस्‍थान पत्रिका

 कमाई के लिए लोगों को नर्क में धकेल रहा जेडीए प्रमुख शासन सचिव As per Department नगरीय विकास विभाग Factual Report
7 22/09/2017 दैनिक भास्‍कर

 56 करोड़ की पेयजल योजना के बाद भी हिंडौन सिटी में नलों से आ रहा है गंदा पानी प्रमुख शासन सचिव Reply as per Department कलेक्‍टर करौली Factual Report
8 19/09/2017 दैनिक भास्‍कर

 सूचना के अधिकार पर हाउसिंग बोर्ड ने लगा दिया 18 प्रतिशत जीएसटी (पेज नं - 4) प्रमुख शासन सचिव राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा मण्डल में जीएसटी अधिनियम हेतु मैसर्स कालानी एण्ड कम्पनी को सलाहकार नियुक्त किया हुआ है। सूचना के अधिकार अधिनियम के बाबत जमा होने वाले शुल्क पर मैसर्स कालानी एण्ड कम्पनी द्वारा दिनांक 17.08.2017 को दी गई सलाह के अनुसार ही 18 प्रतिशत जीएसटी लिये जाने के निर्देश जारी किये गये है। आज दिनांक 19.09.2017 को दैनिक भास्कर (समाचार पत्र) में इस बाबत खबर प्रकाशित होने पर कर सलाहकार को पुनः इस विषय को जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने बाबत निर्देशित किया गया एवं कर सलाहकार द्वारा पुनः स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 28.06.2017 को जारी जी.एस.टी. छूट अधिसूचना क्रमांक 12/2017 एवं राज्य सरकार द्वारा जारी छूट अधिसूचना दिनांक 29.06.2017 में आर.टी.आई. के शुल्क को सम्मिलित नहीं किया गया है इसलिये आर.टी.आई. पर लिये जाने वाले शुल्क पर जीएसटी नियमानुसार लागू है। इस संबंध में दिनांक 19.09.2017 को श्रीमान आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग, राजस्थान सरकार को भी पत्र क्रमांक 407 से मार्गदर्शन करने हेतु प्रकरण प्रेषित किया गया है एवं उपायुक्त वाणिज्यक कर सs व्यक्तिगत रूप से भी सम्पर्क कर चर्चा की गई, साथ ही श्रीमान आयुक्त, वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय, जयपुर को भी पत्र क्रमांक 408 दिनांक 19.09.17 को इस संबंध में मार्गदर्शन करने हेतु प्रेषित किया गया है। वाणिज्यिक कर विभाग/वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय से मार्गदर्शन प्राप्त होने पर तदनुसार नवीन निर्देश जारी किये जा सकेंगे। नगरीय विकास विभाग Factual Report
9 08/09/2017 दैनिक भास्‍कर

 जवाई बांध से जालोर को कितना पानी मिलेगा 60 साल में भी नीति तय नहीं कर पाई सरकार, 15 साल से तो जोधपुर भी नहीं ले रहा प्रमुख शासन सचिव जवाई बांध का निर्माण कार्य 1946 से प्रारम्भ होकर 1957 में पूरा हुआ। उस समय बांध की भराव क्षमता 7000 एम.सी.एफ.टी. (गेज 60 फिट) थी। वर्ष 1973 में बाढ़ आने के बाद बांध की भराव क्षमता बढ़ाकर 7327.5 एम.सी.एफ.टी. (61.25 फिट) की गई। वर्तमान में जवाई बांध का कमाण्ड क्षेत्र 38671 हैक्टेयर है। जिसमें 33 गांव पाली जिले के तथा 24 गांव जालोर जिले के हैं। पूर्व में जालौर जिले के 22 गांव थे। इन्हीं दो गांवों को अलग घोषित करने से जालोर जिले के 24 गांव हुए। बांध अभी तक आठ बार ओवरफ्लो हुआ। बांध में जब-जब अच्छी बरसात के दौरान पानी की आवक होती है तथा तब-तब पानी की आवक, बांध की भराव क्षमता, बांध की सुरक्षा एवं अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए बांध के गेट खोलने का उचित निर्णय उच्चतम स्तर पर लिया जाता है। विभाग की प्रथम प्राथमिकता किसी बांध को उसके मूल भराव क्षमता तक भरना होता है ताकि उस बांध से अधिकतम फायदा प्राप्त हो सके। जवाई बांध के लिए विभाग के द्वारा यह निर्देशित नहीं किया गया है कि बांध के पूर्ण भरने के अवसरों को ध्यान में रखे बगैर नदी में पानी छोड़ा जावें। बांध से पूर्ण भराव से पूर्व नदियों में पानी छोड़ा जाना ना तो व्यवहारिक है। व न ही तर्कसंगत है। इस वर्ष दिनांक 27 जुलाई, 2017 को 2.00 बजे दोपहर में 59.70 फिट के गेज पर बांध का 1 गेट 3 इंच खोला गया तथा दिनांक 28 जुलाई, 2017 को जवाई बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा होने के कारण सांय 5 बजे से पानी की आवक के अनुसार अन्य गेट खोलकर पानी की निकासी की गई जो कि अधिकतम 80000 क्यूसेक पानी नदी में छोडा गया। फिर जैसे-जैसे पानी की आवक कम होने लगी। वैसे-वैसे गेटों को बन्द करते गये। दिनांक 27 जुलाई, 2017 से आज दिनांक 08.09.2017 तक नदी में 6461 एम.सी.एफ.टी. पानी छोडा जा चुका है। आज दिनांक 08.09.2017 को बांध का गेज 60.95 फीट (भराव क्षमता 7247 एम.सी.एफ.टी.) है तथा एक गेट 3 इंच खुला हुआ है। जिससे 248 क्यूसेक्स पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। जवाई बांध से सांचौर तक ऐसा कोई उपयुक्त स्थल नहीं है, जहांॅ एक मध्यम श्रेणी का बांध प्रस्तावित किया जा सके। बांध से जो भी पानी छोड़ा जा रहा है वह जालौर जिले में से ही प्रवाहित होता हुआ रण ऑफ कछ में समाहित हो रहा है। जल संसाधन Factual Report
10 08/09/2017 राजस्‍थान पत्रिका

 विशेषज्ञ हैं, फिर भी सलाहकार से करवाएंगे काम प्रमुख शासन सचिव जयपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में स्थित एयरपोर्ट रोड, हेंगर रोड, जेएलएन मार्ग, जजेज बंगला रोड, गांधी सर्किल से टोंक रोड, भवानी सिंह रोड, जनपथ, सिविल लाईन क्षेत्र, सेन्‍ट्रल पार्क, रामनिवास बाग व नेहरू बालोद्वान इत्‍यादि जयपुर शहर में प्रमुख मार्ग एवं पार्क हैं जो सौन्‍दर्यकरण तथा पर्यटन की दष्टि से जयपुर शहर की छवि को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं। जयपुर शहर के सौन्‍दर्यकरण, हेरिटेज एवं पर्यटन क्षेत्र में बढोतरी करने के द़ष्टिकोण से उपरोक्‍त साइटों के लिये लेण्‍ड स्‍केपिंग कार्यो हेतु राष्‍ट्रीय स्‍तर के सलाहकार मात्र कन्‍सलटेन्‍सी सेवायें देने हेतु नियुक्‍त किये गये हैं, जिनके द्वारा प्रस्‍तावित कार्यो के लिये उपलब्‍ध कराये जाने वाले लेण्‍ड स्‍केपिंग डिजाईन तथा योजना के अनुसार जविप्रा की उद्यान शाखा एवं सिविल शाखा के अधिकारियों द्वारा ही कार्य सम्‍पादित कराये जायेंगेा नगरीय विकास विभाग Factual Report
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